संदेश

December, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सर्दी

आज मेरा शहर चलते-चलते,थोड़ा लड़खड़ा गया, नटखट ठण्ड ने, टंगड़ी जो अड़ा दी थी...